The Beginning
Friday, 15 May 2015
हर वो चीज़..........
हर वो चीज़,
जो सुकूं दे
इंसान की रूह को,
वो खूबसूरत........
और हर वो चीज़,
जो बन जाये
इंसान की रूह का दर्द,
वो बद्सूरत.........
Sunday, 10 May 2015
एक माँ की दुआ
एक ही दुआ,
बस एक ही ख्वाहिश,
कि कभी हावी ना हो
तुम्हारी इंसानियत पर,
'पुरुषसत्तात्मक रुढ़िवादी समाज' से मिली,
'पुरुषवादी मानसिकता'.......।
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