Saturday, 28 August 2021
Wednesday, 11 August 2021
जिसकी रूह के हर कोने में
उसकी दुल्हन सी रहती थी मैं..
वो किसी और का दूल्हा बन गया...
देखो मेरा हबीब अपनी इस दुल्हन को..
दुनिया की नज़रों में अपनी दुनियावी दुल्हन का
रकीब कर गया....
इस चेहरे से नजर हटाना भी नागवार था जिसे..
वो मेरा रांझा
अपनी हर अदा को जीने का हक
किसी और को दे गया..
उसकी हर बात ऐसे ही याद है
जैसे अभी इसी लम्हें की ही बातें हो वो सब..
मगर हमें वो एक-दूजे का अतीत कर गया...
नाम तो बहुत वीरता से भरा था उसका
मगर देखो मेरे वीर को..
अपने नाम से उलट
कायरता की एक कहानी दुनिया को दे गया..।
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