The Beginning
Friday, 2 July 2021
जाति के पुतले
इंसान की तलाश थी
प्रेम की तलाश थी...
मगर सब तरफ
जाति के पुतले बिखरे मिले...
ढूंढने पर भी उनमें
इंसान कहीं ना मिले..
तो फिर प्रेम की तलाश
कहां पूरी होनी थी...।
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