उन्हीं की राहों में
वो जो रोशन किया करते है
हर राह पर.. राह तुम्हारी...
उन्हीं की राहों में
स्याह अंधेरी-सी रात हो जाना......
हर जलजले में जो साथ खड़ा हो तुम्हारे
बचा लेने को.. हर बला से तुम्हें....
तमाशा उन्हीं का सरेराह बना देना
काबिले तारीफ है तेरा...
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