देशद्रोह
स्त्री सिर्फ स्त्री नहीं होती ना
मां भी होती है...
इसलिए किसी भी समाज, देश, दुनिया की
आधारशिला होती है...
क्योंकि विकसित होता है
किसी भी देश, दुनिया का हर बच्चा
उसी की कोख में...
और कोख की चारदीवारी में
विकसित होता है स्वस्थ रुप से वही बच्चा...
जिसकी मां शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होती है
और स्त्री का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य
दुनिया भर में सबसे निचले पायदान पर...
मगर स्त्रियों के खिलाफ हिंसा हर जगह मौजूद...
हिंसा से आर्त्त मां का स्वास्थ्य बच्चे तक जाता है
और ऐसे बनते हैं किसी भी देश के भावी नागरिक
वो नागरिक जो किसी भी देश की बुनियाद होते है...
तो क्या स्त्रियों के साथ किया गया हिंसात्मक व्यवहार
देशद्रोह की श्रेणी में नहीं आता...?
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