Thursday, 11 March 2021

पीड़ा का सतत् स्रोत

मंदबुद्धि, संकीर्ण,

मनोरोगी समाजों में..

प्रबुद्ध, सृजनात्मक,

संवेदन युक्त होना तेरा..

पीड़ा का सतत् स्रोत है....।

No comments:

Post a Comment