The Beginning
Wednesday, 26 January 2022
रास्तों की ख़ूबसूरती
तुम सबको दिखाने के लिए
कोई शानदार मंजिल नहीं है मेरे पास
शायद इसीलिए जीवन खाली लगे तुम्हें मेरा...
मगर मंजिल नहीं
रास्तों की ख़ूबसूरती को जिया है मैंने..
बाहर से भरी-भरी
जिंदगियों की रिक्तता को करीब से देखा है
और रीती-रीती जिंदगियों की पूर्णता को भी....।
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