Monday, 7 March 2022

राहों का चुनाव

कभी कभी हम नहीं 
राहें हमें चुनती हैं...
जैसें चुना था एक रोज़ उन्होंने
गौतम को...
और बना दिया था 'बुद्ध'
'महात्मा बुद्ध'...........।

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