Monday, 2 June 2025
तमाचा
Friday, 7 February 2025
गायत्री
Wednesday, 3 July 2024
खुद से प्यार करना
Thursday, 28 September 2023
सिर्फ मातृत्व
पहली बार जब
अपनी नन्हीं-सी भांजी को गोद में लिया
फिर महीने-भर उसके साथ रही
उसे खिलाना-पिलाना लोरी गाकर सुलाना
उसकी तबीयत खराब हो जाने पर बेचैन हो उठना
सब आदत बन गए..
एक बार उसे नहलाते हुए
उसके कोमल-से गाल को
जब मेरा नाखून छू गया
और वो रोने लगी..
तो उस दिन
उस वक़्त की मेरी सबसे अजीज चीज
मेरे लंबे और खूबसूरत नाखूनों को
मैंने बिना सोचे और बिना किसी पीड़ा के
उसी वक़्त काट दिया...
वो बच्ची, उसकी मुस्कराहट, उसका सुकून
अब मेरे लिए सर्वोपरि हो चुका था....
ऐसा फिर हुआ,
जब मैं किसी पुरुष के प्रेम में पड़ी...
शायद,
हम स्त्रियों के पास सिर्फ मातृत्व होता है... ।
Thursday, 20 July 2023
स्वास्थ्य
जानते हो
जिंदगी में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?
हमारा स्वास्थ्य....
स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य नहीं,
मानसिक स्वास्थ्य भी है...
स्वास्थ्य में यह दोनों आते हैं...
शरीर के बारे में बहुत चर्चा हुई है
इसलिए कुछ हद तक हम इसे समझते हैं..
मगर इसे भी पूरी तरह हम नहीं समझते
पीरियड्स, सेक्स, प्यार और कॅरियर के दबाव जैसे जरूरी
विषयों पर खुलकर बात नहीं की जाती है
और जब हम खुलकर अपनी बातें नहीं रख पाते..
या कहने, पूछने पर भी
हमारे बड़े अपनी समझ की कमी
या झूठी शर्म के कारण
हमसे इन मुद्दों पर बात नहीं करते है..
तब बात मानसिक स्वास्थ्य पर आ जाती है...
जरूरी है की बिना शर्माये
इन जरूरी मुद्दों पर बात की जाये..
ताकि जीवन बचाएँ जा सके...।
कन्यादान
Tuesday, 18 July 2023
कभी-कभी
नजरिया
बार-बार बोलता है
Wednesday, 21 June 2023
मेरा जीवन पितृसत्ता की भेंट चढ़ गया
अगर आप
Wednesday, 12 April 2023
मां
मां..
वह जो हमें इस दुनिया में
एक बार लाती है...
मगर
जीवन हमें कई बार देती है...
जब भी
हम टूटते-बिखरते हैं...
वह अपनी पूरी जीवन ऊर्जा लगाकर
हमें फिर से पुनर्जीवित कर देती है.....।
Friday, 13 January 2023
कभी-कभी
कभी-कभी जिंदगी में
भागते रहने से ज्यादा
ठहर जाना बेहतर होता है...
और वो जो कभी
हमारी प्राथमिकता में
सबसे पहला स्थान रखता था...
उसे लिस्ट से ही
बाहर कर देना जरूरी होता है
जिंदगी में सुकूं के लिए....।
Sunday, 13 November 2022
बिना उसकी जिंदगी जिए
फिंगरप्रिंट की तरह ही
कोई भी दो जिन्दगियों की कहानी
मैैच नहीं करती..
तो कैसे हम किसी और को
जज कर सकते हैं..
बिना उसकी जिंदगी जिए....।
Sunday, 2 October 2022
बढ़ती उम्र के साथ
Monday, 15 August 2022
सवाल
आज किसी ने पूछा उम्र क्या हो गई मैम आपकी
जिसने पूछा उसे जन्मदिन से लेकर साल तक पता था..
कितना स्तरीय सवाल था ना....
ऐसे ही कुछ और स्तरीय सवाल पूछे गए..
तुम जैसे लोगों के दिमाग में
कभी यह सवाल क्यों नहीं उठते कि
किस तरह रोक सकते हैं
मासूम बच्चों को यौन हिंसा से..
किस तरह दे सकते हैं किसी के जीवन को दिशा..
तुम्हारे ही घरों में तुम्हारे ही रिश्तेदार
तुम्हारे ही बच्चों का जीवन नोंच लेते हैं
तब तुम खामोश रहते हो..
उस बच्चे को भी चुप रहना सिखाते हो
तब तुम सवाल नहीं करते
तब तुम खड़े नहीं होते
क्योंकि तुम सब सभ्य समाज का हिस्सा जो ठहरे..
सामने सब ठीक लगना चाहिए
भीतर चाहे कोई खत्म हो जाए..
अपने शब्द.. अपनी उर्जा.. अपने जीवन को..
सही दिशा में लगाना सीखो
ताकि कुछ मायने हो तुम्हारे जीवन के....।