Saturday, 16 April 2022
Monday, 11 April 2022
क्षमा वीरस्य भूषणम्
क्षमा वीरों का आभूषण है
मगर ये क्षमा.. किसी और के लिए नहीं
बल्कि हमारे ही लिए होती है..
क्योंकि जब हम माफ कर पाते हैं
तब हम शांत हो जाते हैं ...
जब नहीं कर पाते
तब बेहद बेचैन
और विध्वंसक हो जाते हैं....
जीवन कुछ रच सकें
जीवन को उसके वास्तविक अर्थों में हम जी सकें
इसके लिए जरूरी है
हमारे पास विध्वंसक नहीं
रचनात्मक ऊर्जा हो....।
Tuesday, 5 April 2022
स्वीकारना जो सीख लेते हो
कितना कम है
जीवन में चुनने के लिए..
और कितना अधिक है
जीने के लिए...
चुनने की स्वतंत्रता
हमें हर बार नहीं होती
लेकिन जीने की होती है...
क्योंकि समझ लो जीवन को
तो टकराना छोड़ देते हो...
जीवन को उसके सहज भाव से
स्वीकारना जो सीख लेते हो...।
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