संग्राम
जीवन के मायने
वो लोग ज्यादा बेहतर समझते हैं
जो कर आए है आंखें चार मौत से..
दे आए है मात मौत को
थामने जिंदगी का दामन..
सही कहा है किसी ने...
कि "युद्ध से योद्धा वैसे कभी नहीं लौटते..
जैसे कि वो गए थे।"
संग्राम चाहे जीवन का हो या राष्ट्रों का
भीतर कुछ बदल ही जाता है....।
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