क्षमा वीरस्य भूषणम्
क्षमा वीरों का आभूषण है
मगर ये क्षमा.. किसी और के लिए नहीं
बल्कि हमारे ही लिए होती है..
क्योंकि जब हम माफ कर पाते हैं
तब हम शांत हो जाते हैं ...
जब नहीं कर पाते
तब बेहद बेचैन
और विध्वंसक हो जाते हैं....
जीवन कुछ रच सकें
जीवन को उसके वास्तविक अर्थों में हम जी सकें
इसके लिए जरूरी है
हमारे पास विध्वंसक नहीं
रचनात्मक ऊर्जा हो....।
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