Tuesday, 5 April 2022

स्वीकारना जो सीख लेते हो

कितना कम है

जीवन में चुनने के लिए..

और कितना अधिक है

जीने के लिए...

चुनने की स्वतंत्रता

हमें हर बार नहीं होती

लेकिन जीने की होती है...

क्योंकि समझ लो जीवन को

तो टकराना छोड़ देते हो...

जीवन को उसके सहज भाव से

स्वीकारना जो सीख लेते हो...।




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