देर से ही सही..
मगर अब जीना मैंने सीख लिया है....
जब जहां हूं मैं..
उसी पल.. उसी लम्हें में..
अब रहना मैंने सीख लिया है....
बहुत हो चुका भागना..
अतीत तो कभी.. भविष्य की गलियों में..
जीवन तो इसी पल.. इसी लम्हें में.. घटित होता है..
देर से ही सही..
मगर इस सत्य को मैंने जान लिया है....
जानना ही काफी नहीं होता है..
ये भी सही है..
जानकर.. खुद को रोक पाना वर्तमान में..
ये ही तो सबसे अहम होता है....
मगर जीना वर्तमान में..
बना सकते है आदत हम अपनी..
जानकर इसे.. आदत अपनी बना लिया है....
देर से ही सही..
मगर अपनी हर सांस को..
अब जीना मैंने सीख लिया है........।
मगर अब जीना मैंने सीख लिया है....
जब जहां हूं मैं..
उसी पल.. उसी लम्हें में..
अब रहना मैंने सीख लिया है....
बहुत हो चुका भागना..
अतीत तो कभी.. भविष्य की गलियों में..
जीवन तो इसी पल.. इसी लम्हें में.. घटित होता है..
देर से ही सही..
मगर इस सत्य को मैंने जान लिया है....
जानना ही काफी नहीं होता है..
ये भी सही है..
जानकर.. खुद को रोक पाना वर्तमान में..
ये ही तो सबसे अहम होता है....
मगर जीना वर्तमान में..
बना सकते है आदत हम अपनी..
जानकर इसे.. आदत अपनी बना लिया है....
देर से ही सही..
मगर अपनी हर सांस को..
अब जीना मैंने सीख लिया है........।
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