ना राधा ने,
ना मीरां ने,
ना सीता ना,
और ना ही द्रौपदी ने,
स्वयं चुनी थी अपनी तबाहियां...
वैसे ही अनवरत जारी है, आज भी..
स्त्री के जीवन में..
तबाहियों की अनगिनत कहानियां....।
ना मीरां ने,
ना सीता ना,
और ना ही द्रौपदी ने,
स्वयं चुनी थी अपनी तबाहियां...
वैसे ही अनवरत जारी है, आज भी..
स्त्री के जीवन में..
तबाहियों की अनगिनत कहानियां....।
Sandar anu, very realistic
ReplyDeleteThanku dear🤗
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