तराजू के किन्हीं
दो पलड़ों की तरह...
रखी होती हैं
एक तरफ,
किसी की पूरी जिंदगी...
और दूसरी तरफ,
तुम्हारा दो पल का मजा...
और चुन लेते हो तुम,
वो वहशीयत- भरा
दो पल का मजा...
और गिरा देते हो..
'जिंदगी की कीमत।'
(RIP अरुणा शानबाग को समर्पित)
दो पलड़ों की तरह...
रखी होती हैं
एक तरफ,
किसी की पूरी जिंदगी...
और दूसरी तरफ,
तुम्हारा दो पल का मजा...
और चुन लेते हो तुम,
वो वहशीयत- भरा
दो पल का मजा...
और गिरा देते हो..
'जिंदगी की कीमत।'
(RIP अरुणा शानबाग को समर्पित)
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