The Beginning
Sunday, 21 June 2020
बोनसाई
एक आंगन में
दो पौधें उग आए..
एक को
बिना किसी रोक-टोक के
बढ़ने दिया गया..
और दूसरे की डालियां
बढ़ती भी नहीं थी
कि काट दी जाती थी..
एक विशाल वृक्ष बन गया
और दूसरा बोनसाई...
हम लड़कियों की तरह.....।
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