बोलो..
इतने झल्ले क्यूं हो तुम..
बस में चढ़ते ही लोग सीट ढूंढ़तें है..
और तुम हो कि..
मुझे ढूंढ़ते हो..
बोलो..
इतने झल्ले क्यूं हो तुम..
जब तक एक बार
नजरें मिल नहीं जाती हमारी...
नजरें मिल नहीं जाती हमारी...
तब तक सुकूं
गायब-सा क्यूं रहता है तुम्हारा..
गायब-सा क्यूं रहता है तुम्हारा..
बोलो..
इतने झल्ले क्यूं हो तुम......।
इतने झल्ले क्यूं हो तुम......।
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