जो अपने होंगे
जिनके लिए
जिनके लिए
दिल में मोहब्बत होगी..
ज़ायज़ हैैं कि
ज़ायज़ हैैं कि
उनसें कुछ उम्मीदें
तो कभी
तो कभी
कुछ शिकायतें भी होगी..
गर ख़त्म उम्मीदें...
गर ख़त्म शिकायतें...
तो समझ जाओ..
गर ख़त्म उम्मीदें...
गर ख़त्म शिकायतें...
तो समझ जाओ..
कि हो गई दफ़्न कहीं इस दिल में..
उम्मीदों और शिकायतों संग..मोहब्बत भी..।
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