Tuesday, 23 June 2020

जाति और धर्म के नाम पर

जाति और धर्म के नाम पर
कितने ही योग्य लोगों को..
बांध दिया जाता है
अयोग्य लोगों के पल्लें...
और नष्ट हो जाती है एक दिन
उनके भीतर की सारी योग्यता..
उन अयोग्य साथियों के संग
सिर पचाते-पचाते..
जो कभी बहा करते थे
नदियों की तरह..
सूख जाती है.. 
उनके भीतर की नदी
और उसका कलनाद..
और बचते है तो बस
सूखी नदी के से अवशेष..
कितना भारी नुकसान करते है हम
देश और समाज का
जाति और धर्म के नाम पर....।




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