हर वो बच्चा
जो इस दुनिया में आता है..
भरा होता है वो
असीम संभावनाओं से..
मगर सीमित कर देते हैं
हम उन मासूमों को..
ढ़ाल देते है उन्हें
एक निश्चित सांचे/ढांचे में..
और सीखा देते है उन्हें
श़क करना..
अपनी ही 'असीम संभावनाओं' पर...।
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